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राष्ट्रीय भवन निर्माण संगठन
आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय, भारत सरकार
प्रस्‍तावना

राष्ट्रीय भवन निर्माण संगठन (एनबीओ) की स्थापना प्रौद्योगिकी अन्‍तरण, परीक्षण, आवास संबंधी सांख्यिकी का विकास और प्रसार करने हेतु आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय (तत्‍कालीन निर्माण और आवास मंत्रालय) के सम्‍बद्ध कार्यालय के रूप में वर्ष 1954 में की गई थी। आवास नीति और कार्यक्रम तैयार करने के सन्दर्भ में आवासीय मुद्दों के सामाजिक-आर्थिक पहलुओं का अध्ययन करने और आवास संबंधी आंकड़ों की बढ़ती आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए एनबीओ का 1992 में पुनर्गठन किया गया था । राष्ट्रीय आवास नीति के तहत वर्तमान आवश्यकताओं और आवास तथा निर्माण गतिविधियों से जुड़े विभिन्न सामाजिक-आर्थिक और सांख्यिकीय कार्यों को ध्यान में रखते हुए संशोधित अधिदेश के साथ एनबीओ को मार्च, 2006 में पुन: पुनर्गठित किया गया था।

पुनर्गठित स्‍वरूप में एनबीओ का अधिदेश इस प्रकार है: -

  • आवास और भवन निर्माण संबंधी सांख्यिकी (आंकड़ों) को एकत्र करना, परितुलन करना, विधिमान्‍य बनाना, विश्‍लेषण करना, प्रसार करना और प्रकाशित करना ।
  • आवास एवं भवन निर्माण संबंधी आंकड़ों को एकत्रित करने और प्रसार में लगे राज्य सरकारों के अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन करना ।
  • आवास, गरीबी, स्लम बस्तियों, और बुनियादी सुविधाओं से संबंधित आंकड़ों के लिए एक प्रलेखन केंद्र सृजित करना और उसकी देख-रेख करना ।
  • इस क्षेत्र में नोडल एजेंसी होने के नाते आवास और संबंधित बुनियादी सुविधाओं के क्षेत्र में योजनाकारों, नीति निर्माताओं और अनुसंधान संगठनों की सांख्यिकीय आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए सभी राज्य सरकारों/अनुसंधान संस्थानों/यूएनसीएचएस/अंतर्राष्ट्रीय निकायों आदि के साथ समन्वय करना ।
  • योजना स्‍कीमों के प्रभाव का अध्‍ययन करने हेतु देश के विभिन्‍न भागों में नियमित अल्‍पकालिक नमूना सर्वेक्षण करना।
  • मंत्रालय को जब कभी भी आवश्यकता हो, आवास और बुनियादी सुविधाओं के क्षेत्र में योजनाओं, नीतियों और कार्यक्रमों के प्रभाव का मूल्यांकन करने के लिए विशेष सामाजिक–आर्थिक अध्ययन आरंभ करना जिसके लिए अतिरिक्त निधियां मंत्रालय द्वारा प्रदान की जाएंगी ।

एनबीओ मुख्य रूप से आवास एवं भवन निर्माण आंकड़ों के संग्रहण, परितुलन, विश्लेषण और प्रसार का कार्य में लगा है ताकि इस प्रयोजन के लिए एक प्रभावी देशव्यापी प्रणाली विकसित की जा सके। इसके अलावा यह संगठन, विभिन्न स्रोतों, नामत: महापंजीयक एवं जनगणना आयुक्त, भारत, के कार्यालय, राष्ट्रीय प्रतिदर्श सर्वेक्षण संगठन एवं अन्य सम्बन्धित संगठनों से प्राप्‍त सूचना से संबंधित गतिविधियों को समन्वित करता है। भारत सरकार में केवल एनबीओ ही एक ऐसा संगठन है जो आवास एवं भवन निर्माण सांख्यिकी पर प्रामाणिक एवं विश्वसनीय आंकड़ा आधार विकसित करने के लिए उत्तरदायी है। एनबीओ द्वारा जिन आंकड़ों का एकत्रीकरण एवं प्रसार किया जाता है उनका प्रयोग न केवल नीति निर्माण में किया जाता है बल्कि आवास के क्षेत्र से जुड़े विभिन्न अनुसंधान संगठनों द्वारा भी किया जाता है। एनबीओ द्वारा प्रसारित की गई सूचना प्रामाणिक सरकारी आंकड़ों के रूप में अन्‍तरराष्‍ट्रीय एजेंसियों द्वारा प्राप्त एवं प्रयोग की जाती है। एनबीओ आवास संबंधी आंकड़ों के संदर्भ में केन्द्रीय स्तर पर एक नोडल एजेंसी होने के नाते न केवल राज्य सरकारों के साथ समन्वय करता है बल्कि अपने प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से आवास संबंधी आंकड़ों को एकत्र करने में राज्य सरकारों के प्राधिकारियों का मार्गदर्शन भी करता है। राष्ट्रीय भवन निर्माण संगठन निम्नलिखित के संबंध में आंकड़े एकत्र करता है : (i) सभी आवासीय भवनों के लिए जारी भवन निर्माण अनुज्ञा-पत्रों के संबंध में आंकड़ें एकत्र करना और संकलित करना (ii) जारी किए गए भवन निर्माण अनुज्ञा-पत्रों की कुल संख्‍या और जारी किए गए समापन प्रमाण पत्रों की कुल संख्‍या के संबंध में सूचना एकत्र करना और संकलित करना। (iii) समग्र देश में फैले विभिन्‍न केन्‍द्रों से एनबीओ द्वारा उपलब्‍ध करायी गई प्रक्रिया के अनुसार लोक निर्माण विभाग (पी डब्‍ल्‍यू डी) द्वारा निर्मित निम्‍न आय वर्ग (एलआईजी) आवासों के संबंध में भवन निर्माण लागत सूचकांक (वीसीसीआई) तैयार करने के लिए तिमाही आधार पर आंकड़ों का संकलन करना। (iv) भवन निर्माण सामग्री की कीमतों के बारे में सूचना एकत्रित करना और संकलित करना (v) भवन निर्माण में लगे श्रमिकों की मजूदरी के बारे में सूचना एकत्रित करना और संकलित करना (vi) आवासीय गृह संपत्ति के सर्किल रेट (प्रति वर्ग फुट) के बारे में सूचना एकत्र करना। इस तरह से एकत्रित आंकड़ों को सारणीबद्ध किया जाता है और इसके विभिन्‍न प्रकाशनों के जरिए जारी किया जाता है।

 

आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय के विभिन्‍न मुख्‍य कार्यकलापों में एनबीओ की भूमिका:-

जवाहर लाल नेहरू राष्‍ट्रीय नवीकरण मिशन (जेएनएनयूआरएम), राजीव आवास योजना (आरएवाई) तथा सभी के लिए आवास (शहरी) के अंतर्गत प्रधान मंत्री आवास योजना (पीएमएवाई) की केन्‍द्रीय स्‍वीकृति एवं निगरानी समिति (सीएसएमसी), केन्‍द्रीय स्‍वीकृति समिति (सीएससी) की सभी बैठकें और समीक्षा बैठकें आयोजित करना और संचालित करना।

एनबीओ राष्‍ट्रीय आवास बैंक (एनएचबी), राष्‍ट्रीय सूचना विज्ञान केन्‍द्र (एनआईसी) जैसे संगठनों और अन्‍य एजेंसियों के साथ मिलकर कार्य करेगा।

आंकड़ों के अंतराल को भरने में एनबीओ की भूमिका :-

तेजी से विकसित हो रही अर्थव्‍यवस्‍था में आवास एवं भवन निर्माण सांख्यिकी का अत्‍यधिक महत्‍व है। कृषि के बाद असंगठित क्षेत्र में निर्माण एक मुख्‍य रोजगार सृजक है। इस संबंध में एकत्रित किए गए कोई भी आंकड़े सरकार की नीति और कार्यक्रमों को सुनिश्चित करने के लिए अत्‍यधिक उपयोगी होंगे। विगत में हाल ही में वैश्विक स्‍तर पर बहुत से कम विकसित देशों में अर्थव्‍यवस्‍था अवनत होने को आंशिक रूप से आवास क्षेत्र में ‘गतिविधियों’ से जोड़ा गया है। इस क्षेत्र की गतिविधि पर ध्‍यान रखने का राष्‍ट्रीय महत्‍व है। इस क्षेत्र में किसी भी गतिविधि का उत्‍पादन प्रणाली में अंत:क्षेत्रीय लिंकेजों के जरिए संचालित अर्थव्‍यवस्‍था पर प्रभावशाली गुणक प्रभाव पड़ता है। एनबीओ जिसे जनशक्ति तथा समुचित साधनों के द्वारा उपयुक्‍त रूप से सशक्‍त बनाया गया है, मौजूदा परिदृश्‍य का मूल्‍यांकन करने हेतु उपयुक्‍त अध्‍ययन आरंभ करके और/अथवा राज्‍य सरकारों के साथ सहयोजन में आंकड़ा आधार तैयार करना आरंभ करके आंकड़ों संबंधी अंतरालों को भरने के लिए प्रयास कर सकता है।

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